कोलकाता ट्राम (Tram) भारत ही नहीं बल्कि पूरे एशिया की सबसे पुरानी ट्राम सेवा है। यह दुनिया की कुछ गिनी-चुनी शहरों में बची हुई ट्राम सेवाओं में से एक है। कोलकाता ट्राम का इतिहास सुरुआत: कोलकाता (तब कलकत्ता) में ट्राम सेवा की शुरुआत 1873 में हुई थी, जब घोड़ों से खींची जाने वाली ट्राम चलाई गई। कंपनी: 1880 में "Calcutta Tramways Company (CTC)" बनी और 1882 से बिजली (Electric) से चलने वाली ट्राम शुरू हुई। नेटवर्क: एक समय पर यह 60 किलोमीटर से ज्यादा लंबी पटरियों पर दौड़ती थी। महत्त्व: यह कोलकाता के सार्वजनिक परिवहन का बहुत अहम हिस्सा थी और पर्यावरण के अनुकूल (eco-friendly) होने के कारण आज भी इसका सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व है। वर्तमान स्थिति आज ट्राम का नेटवर्क बहुत छोटा रह गया है, लेकिन कुछ हिस्सों में यह अब भी चल रही है। ट्राम कोलकाता की पहचान और "Heritage Transport" का दर्जा रखती है। पश्चिम बंगाल सरकार इसे पर्यटन आकर्षण (Tourist Attraction) के रूप में भी बढ़ावा दे रही है। कोलकाता ट्राम की खासियतें 1. यह बिजली से चलती है, जिससे प्रदूषण नहीं होता। 2. शहर की ...
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