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मर्चेंट शिपिंग बिल (Merchant Shipping Bill): भारत के समुद्री क्षेत्र में नए युग की शुरुआत प्रस्तावना भारत प्राचीन काल से ही समुद्री व्यापार का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। सिंधु घाटी सभ्यता के समय से लेकर चोल साम्राज्य और आधुनिक भारत तक समुद्री मार्गों ने व्यापार, संस्कृति और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आज भारत की लगभग 95% अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक मात्रा (Volume) और लगभग 70% व्यापारिक मूल्य (Value) समुद्री मार्गों से होता है। इसलिए समुद्री परिवहन देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। समय के साथ जहाजों की तकनीक, अंतरराष्ट्रीय समुद्री नियम, पर्यावरण संबंधी मानक और समुद्री सुरक्षा की आवश्यकताएँ बदलती गईं। ऐसे में लंबे समय से लागू Merchant Shipping Act, 1958 को आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप बदलने की जरूरत महसूस हुई। इसी उद्देश्य से मर्चेंट शिपिंग बिल लाया गया, ताकि भारत का समुद्री कानून आधुनिक, पारदर्शी और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाया जा सके। --- मर्चेंट शिपिंग बिल क्या है? मर्चेंट शिपिंग बिल भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित ऐसा व्यापक कानून है जिसका उद्देश्य देश के समुद...