अजंता गुफाएँ : कला, इतिहास और बौद्ध विरासत का अद्वितीय संगम भूमिका अजंता गुफाएँ भारत की प्राचीनतम शैलकृत (Rock-cut) स्थापत्य एवं चित्रकला परंपरा की अमूल्य धरोहर हैं। ये गुफाएँ महाराष्ट्र के औरंगाबाद ज़िले में वाघोरा नदी की घुमावदार घाटी में स्थित हैं। यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर घोषित अजंता गुफाएँ बौद्ध धर्म, भारतीय चित्रकला, मूर्तिकला और स्थापत्य कला के उत्कर्ष का प्रमाण प्रस्तुत करती हैं। यहाँ निर्मित भित्ति चित्र, बुद्ध की जीवन-कथाएँ, जातक कथाएँ और विहार-चैत्य की संरचनाएँ आज भी विश्व को विस्मित करती हैं। --- भौगोलिक स्थिति राज्य: महाराष्ट्र ज़िला: औरंगाबाद नदी: वाघोरा नदी निकटतम शहर: जलगाँव, औरंगाबाद परिदृश्य: घोड़े की नाल (Horseshoe) आकार की घाटी वाघोरा नदी की प्राकृतिक कटान ने एक अर्धवृत्ताकार घाटी बनाई, जिसके भीतर पहाड़ी की दीवारों को काटकर ये गुफाएँ निर्मित की गईं। प्राकृतिक सौंदर्य और शांति का यह वातावरण बौद्ध भिक्षुओं के साधना-जीवन के लिए आदर्श था। --- खोज का इतिहास अजंता गुफाएँ प्राचीन काल में ज्ञात थीं, परंतु समय के साथ घने जंगलों में छिप गईं। सन 1819...
यहाँ Critical Minerals Ministerial (क्रिटिकल मिनरल्स मिनिस्टीरियल) की पूरी जानकारी सरल हिंदी में दी जा रही है 👇 --- 🔹 क्रिटिकल मिनरल्स मिनिस्टीरियल क्या है? Critical Minerals Ministerial एक अंतरराष्ट्रीय उच्च-स्तरीय बैठक है, जिसमें विभिन्न देशों के मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी भाग लेते हैं। इस बैठक का उद्देश्य उन खनिजों (Minerals) पर सहयोग बढ़ाना है जिन्हें क्रिटिकल मिनरल्स (महत्वपूर्ण खनिज) कहा जाता है। ये खनिज आधुनिक दुनिया के लिए बेहद जरूरी हैं, जैसे: इलेक्ट्रिक वाहन (EV) बैटरी सोलर और विंड एनर्जी मोबाइल, कंप्यूटर, चिप्स रक्षा और अंतरिक्ष तकनीक --- 🔹 क्रिटिकल मिनरल्स क्या होते हैं? क्रिटिकल मिनरल्स वे खनिज होते हैं: जिनकी आर्थिक और रणनीतिक महत्ता बहुत अधिक होती है जिनकी आपूर्ति सीमित देशों में केंद्रित होती है जिनकी कमी से देश की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा प्रभावित हो सकती है प्रमुख क्रिटिकल मिनरल्स: लिथियम (Lithium) कोबाल्ट (Cobalt) निकल (Nickel) रेयर अर्थ एलिमेंट्स (Rare Earth Elements) ग्रेफाइट (Graphite) --- 🔹 यह मिनिस्टीरियल क्यों जरूरी है? आज के समय में: चीन कई क्रिटि...