नवरात्रि में माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों (नवदुर्गा) की उपासना की जाती है। हर दिन एक रूप की पूजा का विशेष महत्व होता है। आइए उनके नौ रूपों के बारे में विस्तार से जानते हैं:
🙏। नवरात्रि में माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों (नवदुर्गा) की उपासना की जाती है। हर दिन एक रूप की पूजा का विशेष महत्व होता है। आइए उनके नौ रूपों के बारे में विस्तार से जानते हैं: --- 1. शैलपुत्री (Shailputri) नाम का अर्थ: "पर्वतराज हिमालय की पुत्री"। वाहन: वृषभ (बैल) हाथों में: दाहिने हाथ में त्रिशूल और बाएँ हाथ में कमल। महत्व: इन्हें माँ दुर्गा का प्रथम स्वरूप माना जाता है। ये पर्वतराज हिमालय की पुत्री और भगवान शिव की पत्नी हैं। नवरात्रि के पहले दिन इनकी पूजा होती है। प्रतीक: दृढ़ता, संयम और भक्ति। --- 2. ब्रह्मचारिणी (Brahmacharini) नाम का अर्थ: "ब्रह्म का आचरण करने वाली"। वाहन: नहीं (ये पैदल चलती हैं)। हाथों में: दाहिने हाथ में जपमाला और बाएँ हाथ में कमंडल। महत्व: माँ दुर्गा का दूसरा रूप तपस्या और ब्रह्मचर्य का प्रतीक है। इनकी उपासना से तप, त्याग और संयम की शक्ति मिलती है। प्रतीक: साधना, संयम और ज्ञान। --- 3. चंद्रघंटा (Chandraghanta) नाम का अर्थ: इनके मस्तक पर अर्धचंद्र के आकार की घंटी होती है। वाहन: सिंह। हाथों में: दस हाथों में शस्त्र और कमल। महत्व: ये माँ दुर्गा क...