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दिल्ली विश्वविद्यालय (DU)

दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) की स्थापना 1922 में हुई ĺथी। इसे दिल्ली विश्वविद्यालय अधिनियम, 1922 के तहत एक यूनिटरी, टीचिंग और रेजिडेंशियल विश्वविद्यालय के रूप में स्थापित किया गया था।

शुरुआती दौर:

जब इसकी स्थापना हुई, तब इसमें केवल तीन कॉलेज थे—सेंट स्टीफेंस कॉलेज, हिंदू कॉलेज और रामजस कॉलेज।

विश्वविद्यालय के पहले कुलपति डॉ. हरि सिंह गौर थे।

इसका प्रशासनिक कार्यालय पहले वायसराय लॉज एस्टेट में था, जिसे 1933 में विश्वविद्यालय को सौंप दिया गया।


राष्ट्रीय आंदोलन में भूमिका:

1947 में भारत की स्वतंत्रता के दौरान, दिल्ली विश्वविद्यालय राष्ट्रीय आंदोलन का एक महत्वपूर्ण केंद्र था।

कई छात्र और शिक्षक स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय रूप से शामिल रहे।


विकास और विस्तार:

1950 के दशक में, विश्वविद्यालय में कई नए कॉलेज जुड़े और यह भारत के सबसे बड़े विश्वविद्यालयों में से एक बन गया।

आज इसमें 90 से अधिक कॉलेज और 16 संकाय (फैकल्टी) हैं।

यह भारत का सबसे बड़ा केंद्रीय विश्वविद्यालय है।


शताब्दी समारोह (2022):

2022 में, दिल्ली विश्वविद्यालय ने अपनी 100वीं वर्षगांठ मनाई।




रामजस कॉलेज (Ramjas College)

स्थापना: 1917
स्थान: नॉर्थ कैंपस, दिल्ली विश्वविद्यालय
संस्थापक: राय केदारनाथ
प्रसिद्ध पाठ्यक्रम: कला (Arts), विज्ञान (Science), वाणिज्य (Commerce)
प्रवेश प्रक्रिया: CUET स्कोर के आधार पर मेरिट


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मुख्य विशेषताएँ:

रामजस कॉलेज दिल्ली विश्वविद्यालय के सबसे पुराने कॉलेजों में से एक है।

इसकी स्थापना 1917 में राय केदारनाथ जी ने की थी।

शुरुआत में यह कॉलेज चांदनी चौक में था, लेकिन बाद में इसे नॉर्थ कैंपस में स्थानांतरित कर दिया गया।

यह अत्याधुनिक सुविधाओं, अनुभवी संकाय और विविध छात्र समुदाय के लिए जाना जाता है।



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प्रसिद्ध पूर्व छात्र:

मनोज बाजपेयी (अभिनेता)

प्रभु चावला (पत्रकार)

विपिन शर्मा (अभिनेता)

अजय जडेजा (क्रिकेटर)



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खास बातें:

छात्र राजनीति में सक्रिय भागीदारी: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनावों में इसका खास योगदान रहता है।

खेल एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियाँ: कॉलेज विभिन्न खेलों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेता है।

इन्फ्रास्ट्रक्चर: इसमें वेल-इक्विप्ड लाइब्रेरी, लैब्स और स्पोर्ट्स ग्राउंड हैं।


सेंट स्टीफेंस कॉलेज (St. Stephen's College) दिल्ली विश्वविद्यालय के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित कॉलेजों में से एक है। इसकी स्थापना 1881 में हुई थी और यह शुरुआत में मिशनरी संस्थान के रूप में कार्य करता था। बाद में, यह दिल्ली विश्वविद्यालय से संबद्ध हो गया।

मुख्य विशेषताएँ:

स्थापना: 1881 (कैम्ब्रिज मिशन टू इंडिया द्वारा)

स्थान: नॉर्थ कैंपस, दिल्ली विश्वविद्यालय

संस्थापक: सैमुअल स्कॉट ऑलपोर्त

प्रसिद्ध पाठ्यक्रम: कला (ह्यूमैनिटीज़), विज्ञान और वाणिज्य

प्रवेश प्रक्रिया: मेरिट और इंटरव्यू के आधार पर (CUET स्कोर के साथ)

प्रसिद्ध पूर्व छात्र: शशि थरूर, अरुण शौरी, मोनटेक सिंह अहलूवालिया, अमिताभ घोष आदि


विशेषताएँ:

कठोर प्रवेश प्रक्रिया: सेंट स्टीफेंस की चयन प्रक्रिया अन्य कॉलेजों से अलग होती है। यहां कट-ऑफ के अलावा इंटरव्यू भी लिया जाता है।

अकादमिक उत्कृष्टता: यह भारत के शीर्ष कला और विज्ञान कॉलेजों में गिना जाता है।

धार्मिक जुड़ाव: कॉलेज की स्थापना ईसाई मिशनरियों द्वारा की गई थी, इसलिए इसमें ईसाई छात्रों को कुछ वरीयता दी जाती है।

खेल एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियाँ: कॉलेज डिबेटिंग, थिएटर और खेलों में भी शानदार प्रदर्शन करता है।









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