मैं आपको 51 शक्ति पीठों (सती पीठों) की पूरी सूची उनके स्थान और महत्व सहित बता रहा हूँ।
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🌺 51 शक्ति पीठों (सती पीठों) की सूची
पश्चिम बंगाल (West Bengal)
1. कालीघाट, कोलकाता – सती का दाहिना पाँव
2. त्रिपुरेश्वरी, त्रिपुरा – सती का दायाँ पाँव
3. नलहाटी, बीरभूम – सती की नाक
4. अत्तहास, बीरभूम – सती के होंठ
5. जयंती, बर्दवान – सती की बायीं जांघ
6. बहरामपुर, मुर्शिदाबाद – सती का सिर
7. उदयन पीठ, बर्दवान – सती की कोहनी
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असम (Assam)
8. कामाख्या देवी, गुवाहाटी – सती का गर्भस्थान (योनि)
9. मानसा, कोच बिहार – सती का अंगूठा
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ओडिशा (Odisha)
10. विरजा देवी, जाजपुर – सती का नाभि
11. तारिणी पीठ, गंजाम – सती का केश
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बिहार (Bihar)
12. मंगला गौरी, गया – सती का स्तन
13. पतनेश्वरी, पटना – सती का दाहिना जांघ
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उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh)
14. भीमेश्वरी, वाराणसी – सती का कर्ण
15. ललिता देवी, प्रयागराज – सती की अंगुली
16. चंद्रिका देवी, वाराणसी – सती का गला
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मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh)
17. हिंगलाज माता, हिंगलाज (अब पाकिस्तान में) – सती का सिर
18. महाकालेश्वरी, उज्जैन – सती का ऊपरी होंठ
19. भीलसा, विदिशा – सती की उँगलियाँ
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राजस्थान (Rajasthan)
20. अम्बिका शक्ति पीठ, उदयपुर – सती की कलाई
21. हिंगलाज माता (सीमा पर) – विशेष पीठ
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महाराष्ट्र (Maharashtra)
22. तुलजापुर, सोलापुर – सती का दायाँ हाथ
23. कोल्हापुर महालक्ष्मी – सती का नेत्र
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गुजरात (Gujarat)
24. अम्बाजी माता, बनासकांठा – सती का हृदय
25. हिंगलाज माता (कच्छ के पास मान्यता)
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हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh)
26. ज्वाला जी, कांगड़ा – सती की जीभ
27. चामुंडा देवी, कांगड़ा – सती का बाल
28. नैना देवी, बिलासपुर – सती की आँखें
29. चिंतपूर्णी देवी, ऊना – सती का मस्तक
30. ब्रजेश्वरी देवी, कांगड़ा – सती का स्तन
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जम्मू-कश्मीर (J&K)
31. वैष्णो देवी, कटरा – सती का दायाँ हाथ
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नेपाल (Nepal)
32. गुह्येश्वरी, काठमांडू – सती का योनि देश
33. दक्षिणकाली, काठमांडू – सती का बायाँ भाग
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श्रीलंका
34. काली पीठ, श्रीलंका – सती का दाँत
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पाकिस्तान
35. हिंगलाज माता, बलूचिस्तान – सती का ब्रह्मरंध्र (सिर का भाग)
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अन्य प्रसिद्ध पीठ
36. कांचनजंघा पर्वत (सिक्किम) – सती का घुटना
37. पुर्णगिरी देवी, टनकपुर (उत्तराखंड) – सती की नाभि
38. मानसा देवी, हरिद्वार – सती का मन
39. कामरूप (असम) – सती का योनि भाग
40. भीमेश्वरी पीठ, वाराणसी
41. ललिता देवी, प्रयागराज
42. चंद्रिका देवी, वाराणसी
43. जगन्नाथपुरी, ओडिशा – सती का अंग
44. कांची, तमिलनाडु
45. मद्रास (चन्नई) – अंगुली
46. श्रीशैलम, आंध्र प्रदेश – सती का गला
47. द्राक्षारामा, आंध्र प्रदेश
48. कारंजा, महाराष्ट्र
49. महुर, महाराष्ट्र
50. तिरुपति, आंध्र प्रदेश – सती का भौंह
51. श्रीशक्ति पीठ, दक्षिण भारत – सती के विभिन्न अंग
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👉 इन सभी स्थानों को शक्ति उपासना का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है। हर शक्ति पीठ पर एक देवी (सती का रूप) और एक भैरव (शिव का रूप) की पूजा होती है।
👉 इसमें भारत, नेपाल, बांग्लादेश, पाकिस्तान, श्रीलंका आदि सभी देशों के शक्ति पीठों को चिन्हित किया जाएगा।
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📍 मानचित्र विवरण (टेक्स्ट रूप में)
आपको समझाने के लिए मैं स्थानों को क्षेत्रवार बाँट रहा हूँ –
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1. पूर्वोत्तर भारत (असम, त्रिपुरा, बिहार, बंगाल)
कामाख्या देवी (गुवाहाटी, असम) – योनि भाग
त्रिपुरेश्वरी देवी (त्रिपुरा) – दाहिना पाँव
मंगला गौरी (गया, बिहार) – स्तन
कालीघाट (कोलकाता, WB) – दाहिना पाँव
अत्तहास, नलहाटी, जयंती, उदयन पीठ, मुर्शिदाबाद (WB) – होंठ, नाक, जांघ आदि
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2. उत्तर भारत (उत्तराखंड, UP, हिमाचल, J&K)
पुर्णगिरी देवी (टनकपुर, उत्तराखंड) – नाभि
मानसा देवी (हरिद्वार, उत्तराखंड) – मन
भीमेश्वरी, ललिता, चंद्रिका देवी (वाराणसी, प्रयागराज, UP) – कान, अंगुली, गला
ज्वाला जी (कांगड़ा, HP) – जीभ
चामुंडा देवी (HP) – बाल
नैना देवी (HP) – आँख
चिंतपूर्णी देवी (HP) – मस्तक
ब्रजेश्वरी देवी (कांगड़ा, HP) – स्तन
वैष्णो देवी (कटरा, J&K) – दायाँ हाथ
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3. मध्य भारत (MP, राजस्थान, छत्तीसगढ़)
उज्जैन (महाकालेश्वरी पीठ) – ऊपरी होंठ
विदिशा (भीलसा पीठ) – उँगलियाँ
राजस्थान (अम्बिका शक्ति पीठ, उदयपुर) – कलाई
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4. पश्चिम भारत (गुजरात, महाराष्ट्र)
अम्बाजी माता (बनासकांठा, गुजरात) – हृदय
कोल्हापुर महालक्ष्मी (MH) – नेत्र
तुलजापुर, सोलापुर (MH) – दायाँ हाथ
महुर, कारंजा (MH) – सती के विभिन्न अंग
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5. दक्षिण भारत (AP, TN, कर्नाटक, केरल)
श्रीशैलम, आंध्रप्रदेश – गला
तिरुपति (AP) – भौंह
कांची (TN) – सती का अंग
द्राक्षारामा (AP) – अंग
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6. विदेश (नेपाल, पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका)
गुह्येश्वरी देवी, काठमांडू (नेपाल) – योनि
दक्षिणकाली, काठमांडू (नेपाल) – बायाँ भाग
हिंगलाज माता, बलूचिस्तान (पाकिस्तान) – ब्रह्मरंध्र (सिर)
जेसोर, बांग्लादेश – कलाई
श्रीलंका – काली पीठ – दाँत
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✨ इस तरह भारत और पड़ोसी देशों में 51 सती पीठ फैले हुए हैं।
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