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🧾 HSN कोड (Harmonized System of Nomenclature) पर विस्तृत हिंदी लेख
🔹 परिचय
HSN कोड का पूरा नाम Harmonized System of Nomenclature है। यह एक अंतरराष्ट्रीय प्रणाली है जिसे विश्व सीमा शुल्क संगठन (WCO - World Customs Organization) द्वारा विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य दुनियाभर में वस्तुओं (Goods) को एक समान कोड में वर्गीकृत करना है ताकि व्यापार, कर प्रणाली, और सांख्यिकीय विश्लेषण में सुविधा हो।
भारत में HSN कोड का उपयोग GST (Goods and Services Tax) व्यवस्था के तहत किया जाता है। प्रत्येक उत्पाद को एक विशेष कोड के अंतर्गत रखा गया है ताकि टैक्स की दर तय करने में पारदर्शिता बनी रहे।
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🔹 HSN कोड का इतिहास
HSN प्रणाली का निर्माण 1988 में हुआ था।
इससे पहले अलग-अलग देशों में वस्तुओं के वर्गीकरण के लिए अपनी-अपनी प्रणालियाँ थीं, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार में भ्रम की स्थिति बनती थी।
WCO ने इस समस्या को सुलझाने के लिए Harmonized Commodity Description and Coding System विकसित किया, जिसे संक्षेप में HSN कहा जाता है।
भारत ने 1986 में ही इस प्रणाली को अपना लिया था और बाद में GST लागू होने (2017) के बाद इसका उपयोग अनिवार्य कर दिया गया।
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🔹 HSN कोड का उद्देश्य
HSN कोड के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं:
1. वस्तुओं का समान वर्गीकरण करना।
2. अंतरराष्ट्रीय व्यापार में पारदर्शिता और एकरूपता लाना।
3. आयात-निर्यात प्रक्रिया को सरल बनाना।
4. GST टैक्स दर निर्धारित करने में सहायता करना।
5. व्यापारिक आँकड़ों का विश्लेषण (Statistical Data) करना।
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🔹 HSN कोड की संरचना (Structure of HSN Code)
HSN कोड आम तौर पर 6 से 8 अंकों का होता है।
अंकों की संख्या अर्थ
2 अंक मुख्य अध्याय (Chapter)
4 अंक शीर्षक (Heading)
6 अंक उपशीर्षक (Sub-heading)
8 अंक राष्ट्रीय उपवर्ग (National Sub-classification)
उदाहरण:
HSN कोड – 6403.59.90
64 → फुटवियर से संबंधित अध्याय
6403 → चमड़े के जूते
6403.59 → अन्य चमड़े के जूते
6403.59.90 → विशिष्ट प्रकार के फुटवियर
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🔹 HSN कोड के अंतर्गत अध्यायों की संख्या
HSN प्रणाली में कुल 21 सेक्शन और 99 अध्याय (Chapters) होते हैं।
प्रत्येक अध्याय किसी एक प्रकार की वस्तु या वस्तुओं के समूह से संबंधित होता है।
सेक्शन अध्यायों का दायरा उदाहरण
सेक्शन I अध्याय 1–5 जीवित जानवर, पशु उत्पाद
सेक्शन II अध्याय 6–14 वनस्पति उत्पाद
सेक्शन III अध्याय 15 पशु एवं वनस्पति वसा
सेक्शन IV अध्याय 16–24 खाद्य पदार्थ, पेय पदार्थ
सेक्शन V अध्याय 25–27 खनिज उत्पाद
सेक्शन XVI अध्याय 84–85 मशीनरी, इलेक्ट्रॉनिक्स
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🔹 भारत में HSN कोड का उपयोग
भारत में HSN कोड का उपयोग GST Return Filing, इनवॉइसिंग, ई-वे बिल, और आयात-निर्यात दस्तावेज़ों में किया जाता है।
प्रत्येक व्यवसायी को अपने कारोबार के आकार के अनुसार HSN कोड देना आवश्यक है।
वार्षिक टर्नओवर आवश्यक HSN कोड
₹1.5 करोड़ तक आवश्यक नहीं
₹1.5 – ₹5 करोड़ 4 अंकों का कोड
₹5 करोड़ से अधिक 6 अंकों का कोड अनिवार्य
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🔹 HSN कोड और GST का संबंध
भारत में जब GST (Goods and Services Tax) लागू किया गया, तो सरकार ने यह तय किया कि हर वस्तु का वर्गीकरण HSN कोड के अनुसार होगा।
इससे यह सुनिश्चित होता है कि टैक्स दरें वस्तु की सही श्रेणी के अनुसार लगें और कोई भ्रम न रहे।
उदाहरण के लिए:
वस्तु HSN कोड GST दर
मोबाइल फोन 8517 18%
सीमेंट 2523 28%
दूध 0401 0%
कपास कपड़ा 5208 5%
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🔹 HSN कोड के लाभ
1. एकरूपता (Uniformity): पूरी दुनिया में वस्तुओं के वर्गीकरण में समानता।
2. टैक्स निर्धारण में पारदर्शिता: वस्तु के आधार पर सटीक GST दर लगती है।
3. आयात-निर्यात में सुविधा: सीमा शुल्क अधिकारी वस्तुओं को आसानी से पहचानते हैं।
4. डेटा एनालिसिस: व्यापारिक आँकड़ों को समझना सरल हो जाता है।
5. भ्रष्टाचार में कमी: वस्तुओं की गलत श्रेणीकरण की संभावना घटती है।
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🔹 HSN कोड और SAC कोड में अंतर
बिंदु HSN कोड SAC कोड
उपयोग वस्तुओं के लिए सेवाओं के लिए
पूर्ण रूप Harmonized System of Nomenclature Services Accounting Code
लंबाई 6–8 अंकों का 6 अंकों का
उदाहरण मोबाइल फोन – 8517 ऑडिट सेवा – 9982
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🔹 भारत में HSN कोड कैसे खोजें?
आप GST पोर्टल या CBIC (Central Board of Indirect Taxes and Customs) की वेबसाइट पर जाकर HSN कोड खोज सकते हैं।
इसके लिए बस वस्तु का नाम डालें और सिस्टम आपको उसका HSN कोड और टैक्स दर बताएगा।
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🔹 कुछ प्रमुख HSN कोड उदाहरण
वस्तु का नाम HSN कोड GST दर
चाय 0902 5%
शक्कर 1701 5%
बिस्किट 1905 18%
दालें 0713 0%
मोटरसाइकिल 8711 28%
पंखा 8414 18%
टेलीविजन 8528 18%
साबुन 3401 18%
सीमेंट 2523 28%
जूते 6403 18%
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🔹 HSN कोड से जुड़ी महत्वपूर्ण संस्थाएँ
1. WCO (World Customs Organization) – जिसने इस प्रणाली को बनाया।
2. CBIC (Central Board of Indirect Taxes and Customs) – भारत में HSN को लागू और नियंत्रित करता है।
3. GST Council – टैक्स दरों और HSN कोड के अद्यतन का निर्णय लेती है।
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🔹 HSN कोड में समय-समय पर बदलाव
WCO हर 5 वर्ष में HSN प्रणाली की समीक्षा करता है ताकि नई वस्तुओं और तकनीकों को शामिल किया जा सके।
भारत भी उसी अनुसार अपने कोड्स और टैक्स दरों को संशोधित करता है।
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🔹 HSN कोड का भविष्य
डिजिटल व्यापार, ई-कॉमर्स, और ऑटोमेशन के बढ़ते दौर में HSN कोड का उपयोग और बढ़ेगा।
भविष्य में हर वस्तु की पहचान AI आधारित कोडिंग सिस्टम से होगी, जिससे इनवॉइसिंग और टैक्स प्रक्रिया पूर्णतः स्वचालित हो जाएगी।
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🔹 निष्कर्ष
HSN कोड व्यापार जगत का एक अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा है।
यह न केवल वस्तुओं की पहचान में सहायता करता है, बल्कि टैक्स निर्धारण, आयात-निर्यात, और सरकारी नीतियों के निर्माण में भी अहम भूमिका निभाता है।
भारत जैसे विशाल देश में, जहाँ लाखों प्रकार की वस्तुएँ बनती और बिकती हैं, वहाँ HSN कोड प्रणाली व्यवस्था, पारदर्शिता और समानता बनाए रखने का एक मजबूत स्तंभ है।
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