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Transgenic Crops (ट्रांसजेनिक फसलें)

Transgenic Crops (ट्रांसजेनिक फसलें)

👉 Definition (परिभाषा):
Transgenic crops are those plants whose genetic material (DNA) has been artificially modified by inserting genes from another organism using genetic engineering techniques.
These genes can come from bacteria, viruses, animals, or even other plants to give the crop a desired trait, such as pest resistance or higher yield.

हिंदी में परिभाषा:
ट्रांसजेनिक फसलें वे फसलें होती हैं जिनके जीनोम (genome) में किसी दूसरे जीव का जीन (gene) कृत्रिम रूप से जेनेटिक इंजीनियरिंग (Genetic Engineering) के माध्यम से डाला जाता है, ताकि उनमें विशेष गुण विकसित किए जा सकें जैसे —
कीटों से सुरक्षा, रोगों से प्रतिरोध, अधिक उत्पादन क्षमता या पोषण में सुधार।


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🌾 Examples of Transgenic Crops / ट्रांसजेनिक फसलों के उदाहरण:

1. Bt Cotton (बी.टी. कपास):
इसमें Bacillus thuringiensis नामक बैक्टीरिया का जीन डाला गया है जो कीटों को मारने वाला टॉक्सिन उत्पन्न करता है।


2. Golden Rice (गोल्डन राइस):
इसमें विटामिन A बनाने वाले जीन जोड़े गए हैं, जिससे यह पोषण की दृष्टि से समृद्ध है।


3. Bt Brinjal (बी.टी. बैंगन):
इसमें भी Bacillus thuringiensis का जीन होता है जो कीटों से बचाव करता है।


4. Herbicide Resistant Soybean (शाकनाशी-रोधी सोयाबीन):
इसे ऐसे विकसित किया गया है कि यह खरपतवार नाशक (herbicides) के प्रभाव से नष्ट न हो।




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🔬 Benefits (लाभ):

कीटों और बीमारियों से फसल की रक्षा

उत्पादन और गुणवत्ता में वृद्धि

रासायनिक कीटनाशकों के उपयोग में कमी

जलवायु परिवर्तन के प्रति अधिक सहनशीलता



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⚠️ Risks / Concerns (हानियाँ या चिंताएँ):

पर्यावरणीय असंतुलन की संभावना

जैव विविधता (biodiversity) पर प्रभाव

स्वास्थ्य संबंधी चिंताएँ

किसानों की निर्भरता बड़ी कंपनियों पर बढ़ सकती है



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