सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

मानव इतिहास की प्रमुख पीढ़ियाँ: Lost Generation से Generation Beta तक

मानव इतिहास की प्रमुख पीढ़ियाँ: Lost Generation से Generation Beta तक

प्रस्तावना

मानव समाज में प्रत्येक पीढ़ी अपने समय की सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, तकनीकी और सांस्कृतिक परिस्थितियों से प्रभावित होती है। लगभग 15 से 20 वर्षों के अंतराल में जन्म लेने वाले लोगों का एक समूह जब समान ऐतिहासिक घटनाओं, तकनीकी बदलावों और सामाजिक परिवर्तनों के बीच बड़ा होता है, तो उसमें कुछ साझा अनुभव और प्रवृत्तियाँ दिखाई देने लगती हैं। ऐसे समूहों को सामान्यतः Demographic Generation या पीढ़ी कहा जाता है।

पीढ़ियों के नाम केवल उम्र बताने के लिए नहीं होते। इनके माध्यम से यह समझने का प्रयास किया जाता है कि अलग-अलग समय में जन्मे लोगों ने दुनिया को किस प्रकार अनुभव किया। उदाहरण के लिए, प्रथम विश्व युद्ध और 1918 की महामारी के प्रभाव में युवा हुई पीढ़ी का अनुभव उस पीढ़ी से बिल्कुल अलग था जिसने द्वितीय विश्व युद्ध और महामंदी का सामना किया। इसी तरह इंटरनेट, स्मार्टफोन और सोशल मीडिया के दौर में बड़ी हुई पीढ़ियों का जीवन पिछली पीढ़ियों से बहुत अलग है।

हालाँकि, पीढ़ियों की जन्म-वर्ष सीमाएँ पूरी दुनिया में आधिकारिक रूप से एक जैसी निर्धारित नहीं हैं। अलग-अलग शोधकर्ता, संस्थाएँ और समाजशास्त्री कुछ वर्षों को अलग तरीके से निर्धारित कर सकते हैं। इसलिए किसी व्यक्ति को केवल जन्म-वर्ष के आधार पर किसी पीढ़ी में रखना हमेशा पूर्णतः सटीक नहीं माना जाना चाहिए।

इस लेख में Lost Generation, Greatest Generation, Silent Generation, Baby Boomers, Generation X, Millennials, Generation Z, Generation Alpha और Generation Beta के साथ-साथ Xennials और Zillennials जैसी micro-generations को विस्तार से समझाया गया है।

---

1. पीढ़ी क्या होती है?

पीढ़ी का सामान्य अर्थ ऐसे लोगों के समूह से है जिनका जन्म लगभग समान ऐतिहासिक काल में हुआ हो और जिन्होंने जीवन के महत्वपूर्ण चरणों में समान सामाजिक परिस्थितियों का अनुभव किया हो।

उदाहरण के लिए, किसी बच्चे का जन्म ऐसे समय में हुआ हो जब इंटरनेट उपलब्ध नहीं था, तो उसका बचपन पुस्तकों, रेडियो, टेलीविजन और व्यक्तिगत संपर्क पर अधिक निर्भर हो सकता है। इसके विपरीत, इंटरनेट और स्मार्टफोन के युग में जन्मे बच्चे डिजिटल तकनीक को जीवन के सामान्य हिस्से के रूप में देखते हैं।

पीढ़ी को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक हैं:

1. युद्ध और राजनीतिक घटनाएँ
2. आर्थिक मंदी और समृद्धि
3. महामारी
4. शिक्षा व्यवस्था
5. परिवार और सामाजिक संरचना
6. तकनीकी विकास
7. इंटरनेट और संचार व्यवस्था
8. रोजगार का स्वरूप
9. संस्कृति और मनोरंजन
10. वैश्वीकरण
11. जलवायु और पर्यावरणीय परिवर्तन
12. कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी AI

इसीलिए पीढ़ियों का अध्ययन केवल उम्र का अध्ययन नहीं है। यह समाज में होने वाले दीर्घकालीन परिवर्तन को समझने का एक तरीका भी है।

---

2. Lost Generation — लगभग 1883–1900

Lost Generation शब्द मुख्य रूप से उन लोगों के लिए लोकप्रिय हुआ जो प्रथम विश्व युद्ध के आसपास युवा वयस्क हुए। इसकी जन्म-वर्ष सीमा अलग-अलग स्रोतों में थोड़ी अलग मिल सकती है।

यह पीढ़ी 20वीं सदी के प्रारंभिक दशकों में वयस्क हुई। उस समय दुनिया औद्योगिक क्रांति के बाद तेजी से बदल रही थी। रेल, टेलीफोन, बिजली, मोटर वाहन और आधुनिक उद्योगों का विस्तार हो रहा था।

लेकिन इस प्रगति के बीच प्रथम विश्व युद्ध ने यूरोप और विश्व के बड़े हिस्से को गहरे संकट में डाल दिया।

प्रथम विश्व युद्ध का प्रभाव

1914 से 1918 तक चले प्रथम विश्व युद्ध ने लाखों लोगों का जीवन बदल दिया। बड़ी संख्या में युवाओं को सेना में भर्ती होना पड़ा। युद्ध के कारण परिवार टूटे, अर्थव्यवस्थाएँ प्रभावित हुईं और समाज में भविष्य को लेकर अनिश्चितता बढ़ी।

इसी समय 1918 की Influenza Pandemic ने भी दुनिया को प्रभावित किया। लाखों लोगों की मृत्यु हुई और स्वास्थ्य व्यवस्था पर भारी दबाव पड़ा।

इस पीढ़ी के लिए आधुनिकता केवल प्रगति का प्रतीक नहीं थी; आधुनिक तकनीक ने युद्ध को भी अधिक विनाशकारी बना दिया था।

साहित्य और कला पर प्रभाव

Lost Generation का प्रभाव साहित्य में भी दिखाई देता है। प्रथम विश्व युद्ध के बाद कई लेखकों ने युद्ध, निराशा, अकेलेपन और पारंपरिक मूल्यों के टूटने को अपनी रचनाओं में व्यक्त किया।

इस पीढ़ी को "Lost" कहने का एक अर्थ यह भी था कि युद्ध के बाद कई युवाओं को अपने पुराने सामाजिक आदर्शों और भविष्य की दिशा को लेकर गहरी निराशा महसूस हुई।

---

3. Greatest Generation — लगभग 1901–1927

Greatest Generation उन लोगों को कहा जाता है जिन्होंने बचपन या युवावस्था में Great Depression और बाद में World War II जैसी ऐतिहासिक घटनाओं का सामना किया।

इस पीढ़ी के जीवन में कठिनाइयाँ बहुत अधिक थीं।

महामंदी

1929 में शुरू हुई महामंदी ने दुनिया की अर्थव्यवस्थाओं को बुरी तरह प्रभावित किया। बेरोजगारी बढ़ी, व्यवसाय बंद हुए और अनेक परिवार आर्थिक संकट में आ गए।

बच्चों और युवाओं ने गरीबी, सीमित संसाधनों और आर्थिक असुरक्षा का अनुभव किया।

द्वितीय विश्व युद्ध

1939 में द्वितीय विश्व युद्ध शुरू हुआ। इस पीढ़ी के अनेक युवाओं ने सैनिक के रूप में युद्ध में भाग लिया या युद्धकालीन उद्योगों में काम किया।

युद्ध ने अमेरिका, यूरोप, एशिया और अन्य क्षेत्रों की सामाजिक एवं आर्थिक व्यवस्था को बदल दिया।

युद्ध के बाद का पुनर्निर्माण

द्वितीय विश्व युद्ध के बाद दुनिया में बड़े पैमाने पर पुनर्निर्माण शुरू हुआ। उद्योग बढ़े, रोजगार के अवसर बढ़े और कई देशों में आर्थिक विकास तेज हुआ।

इस पीढ़ी को अक्सर कर्तव्य, अनुशासन, त्याग और सामुदायिक भावना से जोड़ा जाता है।

हालाँकि "Greatest Generation" नाम मुख्य रूप से अमेरिकी संदर्भ में लोकप्रिय हुआ, इसलिए इसे पूरी दुनिया की समान पीढ़ी मानना उचित नहीं है। विभिन्न देशों में इसी उम्र के लोगों के अनुभव काफी अलग रहे।

---

4. Silent Generation — लगभग 1928–1945

Silent Generation का बचपन या किशोरावस्था द्वितीय विश्व युद्ध, युद्धोत्तर पुनर्निर्माण और शुरुआती Cold War के दौर में बीता।

इस पीढ़ी के लोग अक्सर ऐसे सामाजिक वातावरण में बड़े हुए जहाँ अनुशासन, स्थिरता और संस्थागत व्यवस्था को महत्व दिया जाता था।

युद्ध और परिवार

द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान कई परिवारों के सदस्य सेना में थे। बच्चों ने राशनिंग, आर्थिक सीमाओं और युद्ध संबंधी चिंताओं को देखा।

युद्ध समाप्त होने के बाद भी दुनिया में तनाव खत्म नहीं हुआ। अमेरिका और सोवियत संघ के बीच Cold War शुरू हुआ।

शिक्षा और रोजगार

इस पीढ़ी के लिए स्थायी नौकरी, परिवार और सामाजिक जिम्मेदारी को महत्वपूर्ण जीवन लक्ष्य माना जाता था।

कई लोग लंबे समय तक एक ही संस्था या कंपनी में काम करने को सफलता का संकेत मानते थे।

"Silent" नाम का अर्थ

"Silent Generation" का अर्थ यह नहीं है कि इस पीढ़ी के सभी लोग चुप रहने वाले थे। यह नाम उस समय की सामाजिक परिस्थितियों और सार्वजनिक व्यवहार की एक व्यापक धारणा को दर्शाता है।

इस पीढ़ी ने बाद में नागरिक अधिकार आंदोलनों, सामाजिक सुधारों और राजनीतिक बदलावों में भी भाग लिया।

---

5. Baby Boomers — 1946–1964

Baby Boomers का नाम द्वितीय विश्व युद्ध के बाद कई देशों, विशेषकर अमेरिका में, जन्म दर में हुई उल्लेखनीय वृद्धि से जुड़ा है।

युद्ध के बाद आर्थिक परिस्थितियों में सुधार हुआ और बड़ी संख्या में बच्चों का जन्म हुआ।

आर्थिक समृद्धि

Baby Boomers का एक बड़ा हिस्सा ऐसे समय में बड़ा हुआ जब औद्योगिक अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही थी।

घर, कार, टेलीविजन और उपभोक्ता वस्तुओं का प्रसार हुआ।

टेलीविजन इस पीढ़ी के सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन का महत्वपूर्ण माध्यम बना।

Cold War

Baby Boomers ने अमेरिका और सोवियत संघ के बीच Cold War का दौर देखा।

परमाणु हथियारों का भय, अंतरिक्ष प्रतिस्पर्धा और राजनीतिक तनाव उस समय के महत्वपूर्ण विषय थे।

Civil Rights Movement

इस पीढ़ी के युवावस्था के समय अमेरिका में Civil Rights Movement और अन्य सामाजिक आंदोलनों का प्रभाव बढ़ा।

महिलाओं के अधिकार, नस्लीय समानता, युद्ध-विरोधी आंदोलन और सामाजिक स्वतंत्रता से जुड़े विचारों ने पश्चिमी समाज में महत्वपूर्ण परिवर्तन किए।

संगीत और संस्कृति

Rock and roll, television, cinema और युवा संस्कृति का विस्तार Baby Boomers के दौर में हुआ।

इस पीढ़ी ने उपभोक्ता संस्कृति और बड़े पैमाने के लोकप्रिय मनोरंजन को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

---

6. Generation X — लगभग 1965–1980

Generation X को अक्सर Baby Boomers और Millennials के बीच की पीढ़ी कहा जाता है।

इस पीढ़ी का बचपन मुख्यतः analog दुनिया में हुआ, लेकिन वयस्क जीवन में यह डिजिटल क्रांति तक पहुँची।

Latchkey Kids

Generation X के साथ "Latchkey Kids" शब्द जोड़ा जाता है। इसका संबंध उन बच्चों से है जो स्कूल के बाद कुछ समय घर पर स्वयं रहते थे, विशेषकर उन परिवारों में जहाँ माता-पिता काम करते थे।

हालाँकि यह अनुभव सभी Gen X लोगों का नहीं था।

तकनीकी परिवर्तन

इस पीढ़ी ने:

- टेलीविजन का विस्तार
- वीडियो गेम
- कैसेट
- VHS
- व्यक्तिगत कंप्यूटर
- शुरुआती मोबाइल फोन
- इंटरनेट के प्रारंभिक रूप

जैसी तकनीकों को देखा।

इसका अर्थ है कि Gen X ने analog और digital दोनों दुनियाओं का अनुभव किया।

काम और परिवार

Gen X के समय रोजगार बाजार और पारिवारिक संरचनाओं में महत्वपूर्ण परिवर्तन आए। पारंपरिक स्थायी नौकरी की धारणा धीरे-धीरे बदलने लगी।

उद्यमिता, तकनीकी कौशल और व्यक्तिगत स्वतंत्रता को भी महत्व मिला।

---

7. Millennials या Generation Y — लगभग 1981–1996

Millennials को सामान्यतः 1981 से 1996 के आसपास जन्म लेने वाली पीढ़ी माना जाता है, हालांकि स्रोतों के अनुसार सीमाएँ थोड़ी बदल सकती हैं।

यह पीढ़ी इंटरनेट क्रांति की सबसे महत्वपूर्ण पीढ़ियों में से एक है।

बचपन और तकनीक

कई Millennials का बचपन इंटरनेट के बिना शुरू हुआ, लेकिन किशोरावस्था या युवावस्था तक इंटरनेट सामान्य जीवन का हिस्सा बनने लगा।

उन्होंने:

- Desktop Computer
- Email
- Search Engines
- Chat Rooms
- Social Networking
- Smartphones
- Online Shopping

के तेजी से विकास को देखा।

9/11

2001 के आतंकवादी हमलों ने Millennials की युवा अवस्था पर गहरा ऐतिहासिक प्रभाव डाला, विशेषकर अमेरिका और उसके सहयोगी देशों में।

इसके बाद सुरक्षा, आतंकवाद, युद्ध और वैश्विक राजनीति से जुड़े मुद्दे अधिक महत्वपूर्ण हो गए।

2008 की आर्थिक मंदी

Millennials के जीवन का एक महत्वपूर्ण आर्थिक संदर्भ 2008 की Global Financial Crisis था।

कई युवा उस समय शिक्षा पूरी कर रहे थे या रोजगार बाजार में प्रवेश कर रहे थे। बेरोजगारी, छात्र ऋण, घरों की बढ़ती कीमतें और रोजगार की अस्थिरता ने इस पीढ़ी की आर्थिक परिस्थितियों को प्रभावित किया।

डिजिटल संस्कृति

Millennials ने सोशल मीडिया के शुरुआती दौर से लेकर स्मार्टफोन युग तक का परिवर्तन देखा।

Facebook, YouTube, Twitter जैसे प्लेटफॉर्मों के विस्तार ने संचार और मनोरंजन को बदल दिया।

---

8. Generation Z — लगभग 1997–2012

Generation Z को सामान्यतः Millennials के बाद की पीढ़ी माना जाता है। इसकी एक लोकप्रिय सीमा लगभग 1997–2012 है।

यह पीढ़ी इंटरनेट और डिजिटल तकनीक के अधिक व्यापक वातावरण में बड़ी हुई।

Digital Natives

Gen Z के कई सदस्यों ने बचपन से इंटरनेट, Wi-Fi, स्मार्टफोन और डिजिटल वीडियो का उपयोग किया।

इसलिए इनके लिए डिजिटल संचार किसी नई तकनीक की तरह नहीं बल्कि दैनिक जीवन का सामान्य हिस्सा है।

Smartphone Revolution

स्मार्टफोन ने Gen Z की शिक्षा, मनोरंजन और सामाजिक संपर्क को काफी प्रभावित किया।

आज जानकारी प्राप्त करने के लिए पुस्तकालय या केवल टेलीविजन पर निर्भर रहने के बजाय:

- Google
- YouTube
- सोशल मीडिया
- ऑनलाइन पाठ्यक्रम
- ऐप्स
- डिजिटल पुस्तकें

का उपयोग किया जाता है।

Social Media

Instagram, TikTok, Snapchat और अन्य प्लेटफॉर्मों ने Gen Z की सामाजिक संस्कृति को प्रभावित किया।

वीडियो आधारित सामग्री, short-form content और creator economy का विस्तार इसी व्यापक डिजिटल वातावरण में हुआ।

COVID-19 Pandemic

Gen Z के लिए COVID-19 महामारी एक महत्वपूर्ण वैश्विक घटना रही।

स्कूल और कॉलेज बंद हुए, ऑनलाइन शिक्षा बढ़ी, सामाजिक संपर्क सीमित हुआ और मानसिक तथा सामाजिक जीवन में बड़े बदलाव आए।

इस पीढ़ी ने शिक्षा के डिजिटल रूपांतरण को बहुत करीब से अनुभव किया।

---

9. Generation Alpha — लगभग 2010 के दशक से 2020 के दशक के मध्य तक

Generation Alpha शब्द हाल के वर्षों में जन्म लेने वाले बच्चों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसकी सीमाएँ स्रोत के अनुसार बदलती हैं। एक लोकप्रिय वर्गीकरण इसे लगभग 2010–2024 मानता है, जबकि कुछ सूचियाँ अलग आरंभ वर्ष देती हैं।

इसलिए 2013–2024 की सीमा को एक संभावित वर्गीकरण समझना चाहिए, सार्वभौमिक नियम नहीं।

पूरी तरह डिजिटल बचपन

Generation Alpha के बच्चे ऐसे वातावरण में बड़े हो रहे हैं जहाँ:

- स्मार्टफोन
- टैबलेट
- स्मार्ट टीवी
- वीडियो स्ट्रीमिंग
- डिजिटल गेम
- ऑनलाइन शिक्षा
- Voice Assistants
- AI आधारित सेवाएँ

पहले से मौजूद हैं।

शिक्षा में परिवर्तन

Generation Alpha की शिक्षा पारंपरिक कक्षा तक सीमित नहीं है।

ऑनलाइन वीडियो, डिजिटल बोर्ड, शैक्षिक ऐप, AI tutor और interactive learning जैसे साधन शिक्षा को बदल रहे हैं।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता

AI Generation Alpha के जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकता है।

AI से भाषा सीखना, प्रश्न पूछना, चित्र बनाना, जानकारी खोजना और व्यक्तिगत अध्ययन करना आसान हो सकता है।

लेकिन इसके साथ डिजिटल सुरक्षा, privacy, screen time और गलत जानकारी जैसी चुनौतियाँ भी हैं।

---

10. Generation Beta — लगभग 2025–2039

Generation Beta एक उभरता हुआ पीढ़ीगत नाम है। यह वर्गीकरण विशेष रूप से 2025 के बाद जन्म लेने वाले बच्चों के संदर्भ में लोकप्रिय हो रहा है।

यह ध्यान रखना आवश्यक है कि Generation Beta की विशेषताएँ अभी पूरी तरह स्थापित नहीं हुई हैं, क्योंकि इस पीढ़ी के अधिकांश लोग अभी बच्चे हैं या उनका जन्म ही हाल में हुआ है।

AI-Integrated Society

Generation Beta का सबसे महत्वपूर्ण संभावित संदर्भ होगा:

Artificial Intelligence का दैनिक जीवन में गहरा एकीकरण।

AI केवल कंप्यूटर या मोबाइल में मौजूद तकनीक नहीं रहेगा, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, घर, रोजगार और मनोरंजन के अनेक क्षेत्रों में शामिल हो सकता है।

Smart Homes

Generation Beta के लिए स्मार्ट उपकरण सामान्य घरेलू वस्तु हो सकते हैं।

घर में:

- AI assistants
- स्मार्ट सेंसर
- automated appliances
- intelligent security
- energy management

जैसी सुविधाएँ सामान्य हो सकती हैं।

शिक्षा का नया रूप

भविष्य की शिक्षा अधिक व्यक्तिगत हो सकती है।

AI किसी विद्यार्थी की गति, रुचि और कठिनाइयों को समझकर उसके लिए अलग learning path तैयार कर सकता है।

लेकिन शिक्षक की भूमिका समाप्त होने की बजाय बदल सकती है। शिक्षक अधिक मार्गदर्शक, mentor और critical-thinking facilitator की भूमिका निभा सकते हैं।

रोजगार का भविष्य

Generation Beta जब वयस्क होगी तब आज की तुलना में रोजगार की दुनिया काफी अलग हो सकती है।

AI और automation कुछ कार्यों को स्वचालित कर सकते हैं, जबकि नए प्रकार के रोजगार पैदा हो सकते हैं।

इस पीढ़ी के लिए केवल जानकारी याद रखना पर्याप्त नहीं होगा। Creativity, communication, problem-solving, adaptability और AI literacy महत्वपूर्ण कौशल हो सकते हैं।

---

11. Xennials — लगभग 1977–1983

Xennials को एक micro-generation या cusp generation कहा जाता है।

यह समूह Generation X और Millennials के बीच स्थित माना जाता है।

इन लोगों का बचपन मुख्यतः analog वातावरण में हुआ, लेकिन युवावस्था में उन्होंने डिजिटल तकनीक को तेजी से बढ़ते हुए देखा।

Analog Childhood, Digital Adulthood

Xennials के अनुभव का एक सरल वर्णन है:

Analog childhood + Digital adulthood

उन्होंने बचपन में:

- पत्र
- landline telephone
- cassette
- VHS
- traditional television
- physical photographs

का अनुभव किया।

बाद में उन्होंने:

- Email
- Internet
- Mobile phones
- Social media
- Smartphones

का विस्तार देखा।

इस कारण वे दो अलग तकनीकी युगों के बीच एक पुल की तरह दिखाई देते हैं।

---

12. Zillennials — लगभग 1993–1998

Zillennials Millennials और Generation Z के बीच का एक micro-generation label है।

इसकी सीमाएँ निश्चित नहीं हैं, लेकिन लगभग 1990 के दशक के मध्य में जन्म लेने वाले लोगों को कभी-कभी इस श्रेणी में रखा जाता है।

इन लोगों ने बचपन में ऐसी दुनिया देखी जिसमें इंटरनेट था, लेकिन स्मार्टफोन और सोशल मीडिया आज जितने सर्वव्यापी नहीं थे।

दो डिजिटल संस्कृतियों के बीच

Zillennials ने:

- पुराने इंटरनेट
- Desktop computers
- SMS
- शुरुआती social media
- YouTube
- Smartphones
- Instagram
- short-form video

जैसी अलग-अलग तकनीकी अवस्थाओं को देखा।

इसलिए उनमें Millennials और Gen Z दोनों की कुछ सांस्कृतिक विशेषताएँ दिखाई दे सकती हैं।

---

13. पीढ़ियों के बीच तकनीकी परिवर्तन

इन पीढ़ियों को समझने का सबसे आसान तरीका तकनीकी बदलाव को देखना है।

Lost Generation

मुख्य तकनीकी वातावरण:

टेलीफोन, बिजली, रेल, प्रारंभिक ऑटोमोबाइल और औद्योगिकीकरण

Greatest Generation

मुख्य तकनीकी वातावरण:

रेडियो, विमान, औद्योगिक उत्पादन और युद्ध तकनीक

Silent Generation

मुख्य तकनीकी वातावरण:

टेलीविजन, रेडियो, घरेलू उपकरण और शुरुआती कंप्यूटिंग

Baby Boomers

मुख्य तकनीकी वातावरण:

टेलीविजन, अंतरिक्ष तकनीक, transistor electronics

Generation X

मुख्य तकनीकी वातावरण:

Personal Computer, video games, VHS, cable television

Millennials

मुख्य तकनीकी वातावरण:

Internet, email, search engines, social media और smartphones

Generation Z

मुख्य तकनीकी वातावरण:

Mobile Internet, social media, streaming और app economy

Generation Alpha

मुख्य तकनीकी वातावरण:

AI, tablets, smart devices, streaming और connected ecosystems

Generation Beta

संभावित तकनीकी वातावरण:

AI agents, robotics, autonomous systems, advanced automation और immersive digital environments

---

14. पीढ़ियाँ और संचार

संचार के विकास को देखें तो लगभग डेढ़ शताब्दी में बहुत बड़ा परिवर्तन हुआ है।

एक समय पत्र भेजने में कई दिन या सप्ताह लगते थे।

फिर टेलीफोन ने तत्काल आवाज़ के माध्यम से बातचीत संभव की।

रेडियो ने एक व्यक्ति की आवाज़ को लाखों लोगों तक पहुँचाया।

टेलीविजन ने दृश्य संचार को लोकप्रिय बनाया।

इंटरनेट ने वैश्विक संचार को लगभग तत्काल बना दिया।

स्मार्टफोन ने इंटरनेट को जेब में पहुँचा दिया।

और AI अब केवल संदेश भेजने या जानकारी खोजने तक सीमित नहीं है; यह सामग्री बनाने, भाषा बदलने, प्रश्नों का उत्तर देने और कार्यों को स्वचालित करने में भी सक्षम है।

---

15. पीढ़ियाँ और शिक्षा

शिक्षा में भी पीढ़ियों के साथ बड़ा परिवर्तन हुआ है।

पुरानी पीढ़ियों में पुस्तक, शिक्षक और कक्षा ज्ञान के मुख्य स्रोत थे।

बाद में रेडियो और टेलीविजन शिक्षा के सहायक माध्यम बने।

कंप्यूटर आने के बाद digital learning शुरू हुआ।

इंटरनेट ने online education को संभव बनाया।

YouTube और learning platforms ने किसी भी व्यक्ति को घर से शिक्षा प्राप्त करने का अवसर दिया।

आज AI व्यक्तिगत अध्ययन सहायक के रूप में उपयोग किया जा सकता है।

भविष्य में शिक्षा और अधिक personalized हो सकती है।

लेकिन शिक्षा का उद्देश्य केवल जानकारी प्राप्त करना नहीं है। आलोचनात्मक सोच, सत्यापन, नैतिकता और समस्या-समाधान भी आवश्यक रहेंगे।

---

16. पीढ़ियाँ और रोजगार

रोजगार की दुनिया भी लगातार बदली है।

Greatest Generation और Silent Generation के समय स्थायी नौकरी और एक ही कंपनी में लंबे समय तक काम करना सामान्य आदर्श माना जाता था।

Generation X ने रोजगार बाजार में अधिक flexibility देखी।

Millennials के समय startups, outsourcing, freelancing और digital economy का विस्तार हुआ।

Generation Z remote work, creator economy और platform-based employment को अधिक सामान्य रूप में देख रही है।

Generation Alpha और Beta के वयस्क होने तक AI और automation रोजगार की प्रकृति को और बदल सकते हैं।

---

17. पीढ़ियाँ और परिवार

परिवार की संरचना भी समय के साथ बदली है।

पुरानी पीढ़ियों में संयुक्त या विस्तृत परिवार कई समाजों में अधिक सामान्य थे।

शहरीकरण और औद्योगिकीकरण के साथ nuclear families का विस्तार हुआ।

महिलाओं की शिक्षा और रोजगार बढ़ा।

परिवार और विवाह को लेकर सामाजिक दृष्टिकोण भी कई देशों में बदले।

आज युवा पीढ़ियाँ परिवार, करियर और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के बीच नए प्रकार का संतुलन खोज रही हैं।

---

18. पीढ़ियाँ और मनोरंजन

मनोरंजन का इतिहास भी पीढ़ियों के परिवर्तन को स्पष्ट करता है।

Lost Generation के समय थिएटर, प्रारंभिक सिनेमा, किताबें और लाइव मनोरंजन प्रमुख थे।

Greatest Generation और Silent Generation ने रेडियो और सिनेमा का विस्तार देखा।

Baby Boomers टेलीविजन और लोकप्रिय संगीत के बड़े विस्तार के दौर में बड़े हुए।

Generation X ने VHS, cable television और video games का अनुभव किया।

Millennials ने इंटरनेट, DVDs, MP3 और शुरुआती social media देखा।

Generation Z streaming और short-form video के युग में बड़ी हुई।

Generation Alpha interactive content, gaming और AI-generated experiences के साथ बड़ी हो रही है।

Generation Beta के लिए मनोरंजन और अधिक immersive, personalized और AI-driven हो सकता है।

---

19. पीढ़ियाँ और वैश्वीकरण

20वीं सदी के मध्य में अंतरराष्ट्रीय संचार और व्यापार तेजी से बढ़ा।

इसके बाद इंटरनेट और सस्ते परिवहन ने वैश्वीकरण को और मजबूत किया।

Millennials और Gen Z ने ऐसी दुनिया देखी जिसमें किसी दूसरे देश की संस्कृति, संगीत, भोजन और फैशन कुछ ही समय में दुनिया के दूसरे हिस्से तक पहुँच सकता है।

आज भारतीय युवा अमेरिकी, कोरियाई, जापानी और यूरोपीय संस्कृति से इंटरनेट के माध्यम से परिचित हो सकते हैं।

इसी प्रकार भारतीय संगीत, सिनेमा, योग, भोजन और संस्कृति भी दुनिया के अन्य देशों तक पहुँच रही है।

---

20. भारतीय संदर्भ में पीढ़ियों को समझना

यहाँ एक महत्वपूर्ण बात समझना आवश्यक है।

अमेरिका में विकसित generation labels को भारत पर बिल्कुल उसी तरह लागू करना उचित नहीं है।

भारत का ऐतिहासिक अनुभव अलग रहा है।

भारत ने:

- स्वतंत्रता आंदोलन
- 1947 का विभाजन
- स्वतंत्रता
- हरित क्रांति
- 1991 के आर्थिक सुधार
- दूरसंचार क्रांति
- इंटरनेट
- मोबाइल क्रांति
- UPI
- डिजिटल भुगतान
- सोशल मीडिया
- AI

जैसे अलग-अलग चरण देखे हैं।

इसलिए भारत में एक ही जन्म-वर्ष के व्यक्ति और अमेरिका में उसी जन्म-वर्ष के व्यक्ति के अनुभव काफी अलग हो सकते हैं।

---

21. भारत में Baby Boomers का संदर्भ

भारत में 1946–1964 के आसपास जन्म लेने वाली पीढ़ी का बड़ा हिस्सा स्वतंत्रता के बाद के निर्माण काल से जुड़ा रहा।

इन लोगों ने स्वतंत्र भारत के शुरुआती दशकों को देखा।

उस समय:

- सरकारी संस्थाओं का विस्तार
- सार्वजनिक क्षेत्र
- कृषि सुधार
- औद्योगिकीकरण
- शिक्षा संस्थानों का विकास

महत्वपूर्ण थे।

भारत में इस पीढ़ी का अनुभव पश्चिमी देशों के Baby Boomers से पूरी तरह समान नहीं था।

---

22. भारत में Generation X

भारत में Gen X का बड़ा हिस्सा 1970 और 1980 के दशक के सामाजिक वातावरण में बड़ा हुआ।

उन्होंने एक ऐसी दुनिया देखी जिसमें टेलीविजन सीमित चैनलों के साथ आया।

बाद में रंगीन टेलीविजन, वीडियो, केबल टीवी, कंप्यूटर और मोबाइल फोन का विस्तार हुआ।

1991 के आर्थिक सुधारों के समय इस पीढ़ी के कई लोग किशोर या युवा थे।

इसलिए इस पीढ़ी ने भारत की अर्थव्यवस्था को अधिक खुलते हुए देखा।

---

23. भारत में Millennials

भारत के Millennials ने 1990 के दशक के आर्थिक बदलाव और 2000 के दशक की IT तथा telecom revolution को देखा।

इस पीढ़ी के समय:

- मोबाइल फोन सस्ते हुए
- इंटरनेट का विस्तार हुआ
- IT sector बढ़ा
- outsourcing बढ़ी
- निजी कंपनियों में रोजगार बढ़ा
- online services का विस्तार हुआ

इस पीढ़ी ने पारंपरिक शिक्षा से digital education तक का परिवर्तन भी देखा।

---

24. भारत में Generation Z

भारत की Gen Z के जीवन में smartphone और affordable internet की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण रही है।

विशेष रूप से 2010 के दशक के मध्य के बाद भारत में mobile internet के तेजी से विस्तार ने डिजिटल उपयोग को बहुत व्यापक बनाया।

आज युवा:

- ऑनलाइन शिक्षा
- UPI
- social media
- streaming
- online shopping
- gaming
- digital banking

का उपयोग करते हैं।

इससे भारत में डिजिटल अर्थव्यवस्था तेजी से विकसित हुई है।

---

25. Generation Alpha और भारत

भारत में Generation Alpha ऐसे वातावरण में बड़ी हो रही है जहाँ digital technology पहले से ही परिवार और शिक्षा का हिस्सा है।

बच्चे smartphones, tablets और smart televisions से परिचित हैं।

COVID-19 के दौरान online classes ने डिजिटल शिक्षा की आवश्यकता को और स्पष्ट किया।

भविष्य में AI आधारित शिक्षा, भाषाई तकनीक और भारतीय भाषाओं में digital content Generation Alpha के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

---

26. Generation Beta और भारत का भविष्य

Generation Beta के लिए भारत एक विशेष रूप से दिलचस्प वातावरण हो सकता है।

भारत में डिजिटल भुगतान, Aadhaar आधारित पहचान प्रणाली, mobile connectivity, UPI, digital public infrastructure और AI का विस्तार पहले से हो रहा है।

यदि यह विकास जारी रहता है, तो Generation Beta ऐसे भारत में बड़ी हो सकती है जहाँ डिजिटल सेवाएँ दैनिक जीवन का मूल हिस्सा होंगी।

उन्हें बैंकिंग, शिक्षा, सरकारी सेवाओं और खरीदारी के लिए भौतिक प्रक्रियाओं पर पहले की तुलना में कम निर्भर रहना पड़ सकता है।

---

27. क्या हर पीढ़ी एक जैसी होती है?

नहीं।

Generation labels केवल व्यापक सामाजिक पैटर्न को समझने के लिए उपयोगी हैं।

एक ही पीढ़ी के दो व्यक्तियों का जीवन अलग हो सकता है।

उदाहरण के लिए:

- ग्रामीण और शहरी जीवन अलग हो सकता है।
- अमीर और गरीब परिवारों के अनुभव अलग हो सकते हैं।
- अलग-अलग देशों की परिस्थितियाँ अलग होती हैं।
- शिक्षा का स्तर अलग हो सकता है।
- तकनीक की उपलब्धता अलग हो सकती है।

इसलिए यह कहना गलत होगा कि सभी Millennials एक जैसे हैं या सभी Gen Z लोगों की सोच एक जैसी है।

---

28. पीढ़ियों की सीमाएँ निश्चित क्यों नहीं हैं?

पीढ़ियाँ प्राकृतिक वैज्ञानिक वर्गीकरण नहीं हैं।

मनुष्य का जन्म किसी निश्चित तारीख पर होने से उसकी सोच अचानक नहीं बदल जाती।

उदाहरण के लिए 1996 और 1997 में जन्मे दो व्यक्तियों के अनुभव लगभग समान हो सकते हैं।

इसीलिए generation boundaries को कठोर सीमा के रूप में नहीं बल्कि एक सामाजिक और सांस्कृतिक framework के रूप में देखना चाहिए।

---

29. Micro-Generations का महत्व

कभी-कभी दो बड़ी पीढ़ियों के बीच जन्मे लोगों को यह महसूस होता है कि वे किसी एक समूह में पूरी तरह फिट नहीं बैठते।

यहीं micro-generation की अवधारणा उपयोगी होती है।

Xennials

Gen X और Millennials के बीच।

Zillennials

Millennials और Gen Z के बीच।

इन लोगों ने अक्सर दोनों पीढ़ियों के महत्वपूर्ण तकनीकी और सांस्कृतिक बदलाव देखे होते हैं।

---

30. पीढ़ियों की तुलना

पीढ़ी| अनुमानित जन्म-वर्ष| प्रमुख ऐतिहासिक/तकनीकी संदर्भ
Lost Generation| ~1883–1900| प्रथम विश्व युद्ध, 1918 महामारी
Greatest Generation| ~1901–1927| महामंदी, द्वितीय विश्व युद्ध
Silent Generation| ~1928–1945| WWII, Cold War
Baby Boomers| 1946–1964| आर्थिक विकास, Cold War, Civil Rights
Generation X| 1965–1980| PC, cable TV, analog से digital परिवर्तन
Millennials| 1981–1996| इंटरनेट, 9/11, 2008 आर्थिक संकट
Generation Z| ~1997–2012| स्मार्टफोन, सोशल मीडिया, COVID-19
Generation Alpha| ~2010/13–2024| टैबलेट, streaming, AI
Generation Beta| 2025–2039| AI-integrated society, automation

यह तालिका केवल एक सामान्य framework है। विभिन्न स्रोतों में जन्म-वर्ष बदल सकते हैं।

---

31. सबसे बड़ा परिवर्तन: Analog से AI तक

यदि पूरी पीढ़ीगत यात्रा को एक वाक्य में समझना हो तो कहा जा सकता है:

दुनिया ने पत्र और रेडियो से शुरू होकर टेलीविजन, कंप्यूटर, इंटरनेट, स्मार्टफोन और अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता तक का सफर तय किया है।

Lost Generation के लिए दुनिया तेजी से औद्योगिक हो रही थी।

Greatest Generation ने औद्योगिक युद्ध और महामंदी देखी।

Silent Generation ने टेलीविजन और Cold War का युग देखा।

Baby Boomers ने mass consumer culture और television society को आकार लेते देखा।

Generation X ने personal computing को बढ़ते देखा।

Millennials ने इंटरनेट को mainstream होते देखा।

Gen Z ने smartphone और social media को सामान्य जीवन में देखा।

Generation Alpha AI के बढ़ते प्रभाव के बीच बड़ी हो रही है।

Generation Beta संभवतः AI और automation को समाज के बुनियादी ढाँचे के रूप में देखेगी।

---

32. भविष्य की Generation Beta के संभावित कौशल

Generation Beta के लिए कुछ कौशल विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो सकते हैं:

1. Critical Thinking
2. Creativity
3. Problem Solving
4. Communication
5. Digital Literacy
6. AI Literacy
7. Adaptability
8. Collaboration
9. Emotional Intelligence
10. Information Verification

भविष्य में जानकारी प्राप्त करना आसान हो सकता है, लेकिन सही जानकारी और गलत जानकारी में अंतर करना अधिक महत्वपूर्ण हो सकता है।

---

33. AI और पीढ़ियों के बीच अंतर

AI के आने से पीढ़ियों के बीच तकनीकी अंतर और स्पष्ट हो सकता है।

पुरानी पीढ़ियों ने तकनीक को एक-एक चरण में अपनाया।

लेकिन नई पीढ़ियाँ ऐसी तकनीक के साथ पैदा हो रही हैं जो पहले से intelligent और personalized है।

एक बच्चे के लिए AI assistant उतना ही सामान्य हो सकता है जितना आज किसी वयस्क के लिए smartphone है।

इससे शिक्षा, नौकरी, मनोरंजन और सामाजिक जीवन में बड़े परिवर्तन हो सकते हैं।

---

34. डिजिटल जीवन की चुनौतियाँ

नई पीढ़ियों के लिए तकनीक अवसर के साथ चुनौतियाँ भी लेकर आती है।

Privacy

व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा महत्वपूर्ण होगी।

Misinformation

AI और social media के कारण गलत जानकारी तेजी से फैल सकती है।

Screen Time

अत्यधिक डिजिटल उपयोग सामाजिक और शारीरिक गतिविधियों के संतुलन को प्रभावित कर सकता है।

Cybersecurity

डिजिटल जीवन बढ़ने के साथ ऑनलाइन सुरक्षा का महत्व बढ़ेगा।

AI Dependence

यदि लोग हर काम के लिए AI पर निर्भर होने लगें, तो स्वतंत्र सोच और कौशल विकास प्रभावित हो सकते हैं।

इसलिए तकनीक का उपयोग समझदारी और संतुलन के साथ करना आवश्यक होगा।

---

35. क्या Generation Beta सबसे अलग पीढ़ी होगी?

संभवतः यह पीढ़ी तकनीकी दृष्टि से पिछली पीढ़ियों से काफी अलग होगी।

लेकिन मानव जीवन के कुछ मूल तत्व नहीं बदलेंगे।

परिवार, मित्रता, प्रेम, शिक्षा, पहचान, सुरक्षा, सम्मान, रचनात्मकता और समुदाय की आवश्यकता भविष्य में भी बनी रहेगी।

तकनीक बदल सकती है, लेकिन मनुष्य की सामाजिक और भावनात्मक आवश्यकताएँ पूरी तरह समाप्त नहीं होंगी।

---

निष्कर्ष

Lost Generation से लेकर Generation Beta तक की यात्रा मानव सभ्यता में हुए असाधारण परिवर्तन की कहानी है।

Lost Generation ने प्रथम विश्व युद्ध और 1918 की महामारी का दौर देखा।

Greatest Generation ने महामंदी और द्वितीय विश्व युद्ध जैसी कठिन परिस्थितियों का सामना किया।

Silent Generation ने युद्ध के बाद का पुनर्निर्माण और Cold War देखा।

Baby Boomers ने आर्थिक विकास, टेलीविजन, Civil Rights और सामाजिक आंदोलनों के दौर को आकार दिया।

Generation X ने analog और digital दुनिया के बीच संक्रमण देखा।

Millennials ने इंटरनेट क्रांति, वैश्वीकरण और 2008 की आर्थिक मंदी का प्रभाव अनुभव किया।

Generation Z ने स्मार्टफोन, सोशल मीडिया और COVID-19 महामारी के दौर में जीवन बिताया।

Generation Alpha ऐसी दुनिया में बड़ी हो रही है जहाँ AI, streaming, tablets और connected devices सामान्य हैं।

और Generation Beta, जिसका जन्म-वर्ष सामान्यतः 2025 से आगे रखा जा रहा है, संभवतः ऐसी दुनिया में बड़ी होगी जहाँ कृत्रिम बुद्धिमत्ता, automation, robotics और intelligent digital systems रोजमर्रा के जीवन का अभिन्न हिस्सा होंगे।

फिर भी पीढ़ियों को कठोर डिब्बों में बाँटना सही नहीं है। किसी व्यक्ति का जीवन केवल उसके जन्म-वर्ष से निर्धारित नहीं होता। परिवार, देश, शिक्षा, आर्थिक स्थिति, संस्कृति, ग्रामीण या शहरी वातावरण और व्यक्तिगत अनुभव भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं।

इसलिए generation labels को समाज को समझने का एक उपयोगी उपकरण मानना चाहिए, न कि हर व्यक्ति के व्यक्तित्व या व्यवहार का अंतिम निर्णय।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हर पीढ़ी अपने समय की चुनौतियों का सामना करती है और अगली पीढ़ी के लिए दुनिया को थोड़ा अलग रूप में छोड़ती है।

यदि Lost Generation से Generation Beta तक की पूरी यात्रा को संक्षेप में देखा जाए, तो यह यात्रा औद्योगिक युग से सूचना युग और सूचना युग से AI युग तक मानव समाज के परिवर्तन को दर्शाती है।

यही कारण है कि पीढ़ियों का अध्ययन केवल इतिहास समझने के लिए नहीं, बल्कि वर्तमान समाज और आने वाले भविष्य को समझने के लिए भी महत्वपूर्ण है।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

हेल्पर की परिभाषा

हेल्पर (Helper)  --- भूमिका वर्तमान युग में समाज और उद्योग के हर क्षेत्र में सहायता करने वाले व्यक्तियों की अहम भूमिका होती है। ऐसे व्यक्तियों को हम सामान्यतः "हेल्पर" कहते हैं। हेल्पर वह व्यक्ति होता है जो किसी कार्य में मुख्य कर्मचारी, अधिकारी या विशेषज्ञ को सहयोग करता है। यह भूमिका बहुत साधारण लग सकती है, लेकिन इसके बिना कोई भी प्रणाली पूर्ण रूप से कार्य नहीं कर सकती। --- हेल्पर की परिभाषा हेल्पर (Helper) एक ऐसा व्यक्ति होता है जो अपने वरिष्ठ या नियोक्ता के निर्देशानुसार किसी कार्यस्थल पर सहायता प्रदान करता है। इसका कार्य शारीरिक या मानसिक श्रम, दोनों रूपों में हो सकता है। हेल्पर किसी भी क्षेत्र में हो सकता है, जैसे कि निर्माण, कार्यालय, शिक्षा, स्वास्थ्य, घर आदि। --- हेल्पर के प्रकार हेल्पर कई प्रकार के हो सकते हैं, जिनमें प्रमुख हैं: 1. घरेलू हेल्पर घरेलू कामों में मदद करता है खाना बनाना, साफ-सफाई, कपड़े धोना बच्चों और बुजुर्गों की देखभाल 2. ऑफिस हेल्पर फाइल लाना-ले जाना दस्तावेज़ों की छंटाई चाय-पानी सर्व करना 3. निर्माण श्रमिक हेल्पर ईंट, बालू, सीमेंट उठाना मिस्त्री को ...

राष्ट्रीय हथकरघा दिवस का इतिहास

राष्ट्रीय हथकरघा दिवस (7 अगस्त): संपूर्ण जानकारी राष्ट्रीय हथकरघा दिवस भारत में प्रत्येक वर्ष 7 अगस्त को मनाया जाता है। इस दिवस का उद्देश्य देश के हथकरघा बुनकरों (Handloom Weavers) को सम्मान देना, भारत की समृद्ध वस्त्र परंपरा का संरक्षण करना तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था, रोजगार और आत्मनिर्भरता में हथकरघा उद्योग के योगदान को पहचान दिलाना है। यह दिवस 7 अगस्त 1905 को प्रारंभ हुए स्वदेशी आंदोलन की ऐतिहासिक स्मृति में मनाया जाता है। उस समय विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार और स्वदेशी उत्पादों के उपयोग का आह्वान किया गया था, जिसमें भारतीय हथकरघा वस्त्रों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। --- राष्ट्रीय हथकरघा दिवस का इतिहास 1905 में ब्रिटिश सरकार द्वारा बंगाल विभाजन की घोषणा के बाद पूरे भारत में स्वदेशी आंदोलन शुरू हुआ। इस आंदोलन का उद्देश्य विदेशी कपड़ों का बहिष्कार और भारतीय वस्त्रों तथा अन्य स्वदेशी उत्पादों को अपनाना था। हाथ से बुने भारतीय कपड़े उस समय आत्मनिर्भरता, स्वाभिमान और आर्थिक स्वतंत्रता का प्रतीक बने। इसी ऐतिहासिक महत्व को सम्मान देने के लिए भारत सरकार ने वर्ष 2015 में 7 अग...

बेंगलुरु (बैंगलोर) (Bangalore Full Details in Hindi - 7000 Words)

बेंगलुरु (बैंगलोर)  (Bangalore Full Details in Hindi - 7000 Words) --- प्रस्तावना बेंगलुरु, जिसे पहले बैंगलोर के नाम से जाना जाता था, भारत के कर्नाटक राज्य की राजधानी है। यह देश का तीसरा सबसे बड़ा शहर है और आईटी (सूचना प्रौद्योगिकी) उद्योग के लिए "भारत की सिलिकॉन वैली" (Silicon Valley of India) के नाम से प्रसिद्ध है। बेंगलुरु एक ऐसा शहर है जहां परंपरा और आधुनिकता का सुंदर मेल देखने को मिलता है। यह न केवल टेक्नोलॉजी, शिक्षा और उद्योगों का केंद्र है, बल्कि अपनी जलवायु, बाग-बगिचों, और सांस्कृतिक विविधताओं के लिए भी मशहूर है। --- 1. बेंगलुरु का इतिहास बेंगलुरु का इतिहास काफी पुराना है। 1537 ईस्वी में केंपेगौड़ा नामक एक स्थानीय प्रमुख द्वारा इसकी स्थापना की गई थी। उन्होंने यहां एक किला बनवाया, जो आज के बेंगलुरु शहर का केंद्र बन गया। उस समय यह एक साधारण नगर था, लेकिन ब्रिटिश काल में यह एक सैन्य छावनी बना और धीरे-धीरे एक आधुनिक नगर के रूप में विकसित हुआ। महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएँ: केंपेगौड़ा द्वारा शहर की नींव ब्रिटिश शासनकाल में प्रशासनिक विकास स्वतंत्रता के बाद तेजी से शहरीकरण --...